का सरल उत्तर
नारदजी ने शिवगणों को शाप दिया (उल्टा नहीं)। शिवगणों ने वानर-मुख पर हँसी की, तो नारदजी ने शाप दिया — 'होहु निसाचर जाइ तुम्ह कपटी पापी दोउ' — तुम दोनों जाकर राक्षस हो जाओ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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