शिवजी ने कामदेव को कैसे भस्म किया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कामदेव ने आम के पेड़ से पाँच बाण शिवजी पर छोड़े, समाधि टूटी। शिवजी ने तीसरा नेत्र खोला — 'तब सिवँ तीसर नयन उघारा। चितवत कामु भयउ जरि छारा॥' — देखते ही कामदेव जलकर भस्म हो गया। तीनों लोक काँप उठे।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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