का सरल उत्तर
शिवजी ने श्रीरामजी को देखकर 'सच्चिदानन्द परमधाम' कहकर प्रणाम किया और उनकी शोभा में इतने मग्न हो गये कि हृदय में प्रीति रोकने से भी नहीं रुकती। इसी पर सतीजी को संदेह हुआ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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