का सरल उत्तर
शिवजी ने कहा — ये मेरे इष्टदेव श्रीरघुवीर हैं, तर्क मत करो। 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा' — जो राम ने रचा है वही होगा। शिवजी जानते थे कि परब्रह्म की परीक्षा लेना अनुचित है और इसका परिणाम बुरा होगा, इसलिये मना किया।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।