ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

श्मशान भैरव मंत्र का जप कैसे और कब करना चाहिए?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

श्मशान भैरव = शिव का उग्र तांत्रिक स्वरूप। गुरु दीक्षा अनिवार्य — बिना गुरु कदापि न करें। काल: अर्धरात्रि, अमावस्या, अष्टमी। बटुक भैरव मंत्र अपेक्षाकृत सौम्य विकल्प। कठोर नियम: ब्रह्मचर्य, गोपनीयता, एकांत। गलत प्रयोग से गंभीर दुष्परिणाम संभव। केवल प्रमाणिक गुरु से ही सीखें।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
शिव मंत्र

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।