का सरल उत्तर
गाय = देवमाता (33 कोटि देव निवास)। गरुड़ पुराण: गो-ग्रास = पितर को वैतरणी नदी पार कराना। पंचबलि में गाय = देव भोग। हरा चारा/रोटी+गुड़ दें। गो-दान = सबसे बड़ा दान।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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