का सरल उत्तर
स्मृतियों के अनुसार श्राद्ध कर्म के दौरान यदि कोई व्यक्ति क्रोध करता है, मार्ग गमन करता है, या अनुचित आचरण करता है, तो पितर निराश होकर लौट जाते हैं। पितर सूक्ष्म वायु रूप में आते हैं, और अशांत वातावरण में वे नहीं ठहर सकते। इसलिए कर्ता को श्राद्ध के दिन क्रोध-रहित, शांत और धर्म के अनुसार आचरण करना चाहिए।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।