का सरल उत्तर
गुरु वसिष्ठजी ने चारों भाइयों का नामकरण किया। चूड़ाकर्म संस्कार भी गुरुजी ने करवाया। चारों नाम गुण और अर्थ के अनुसार रखे गये।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।