का सरल उत्तर
श्रीरामजी (श्याम/साँवले) और लक्ष्मणजी (गौर/गोरे) की जोड़ी का वर्णन। 'सोभा सीवँ सुभग दोउ बीरा। नील पीत जलजाभ सरीरा' — दोनों शोभा की सीमा, नील-पीत कमल समान शरीर, मोरपंख सिर पर। यह मानस में राम-लक्ष्मण की प्रसिद्ध उपाधि है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।