का सरल उत्तर
वाल्मीकि रामायण के अनुसार राजा जनक के हल चलाते समय वैशाख शुक्ल नवमी को भूमि से एक कलश प्रकट हुआ जिसमें दिव्य कन्या थी। हल की नोक 'सीत' से स्पर्श होकर प्रकट होने से उनका नाम सीता पड़ा। वे भूमिजा, जानकी और मैथिली भी कहलाईं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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