सीताजी और श्रीरामजी के प्रथम दर्शन में तुलसीदासजी ने कौन सा रस वर्णित किया?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
श्रृंगार रस (संयोग पक्ष) — रामजी के नेत्र सीता-मुख के चकोर बने, सीताजी में पवित्र प्रीति जागी पर मृगछौनी-सी भयभीत। दोनों ने प्रेम अनुभव किया पर लोकलाज-मर्यादा से प्रकट नहीं किया। मानस का सबसे मधुर प्रसंग।
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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