ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

सीताजी ने जयमाला पहनाते समय कैसा अनुभव किया?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

सकुचाहट + प्रेम + आनन्द — गुरुजनों की लाज से सकुचाईं पर धीरज धरा। मन में कहा — 'तन मन बचन मोर पनु साचा। रघुपति पद सरोज चित राचा' — मेरा प्रण सच्चा है, चित्त रघुपति के चरणों में अनुरक्त है।

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रामचरितमानस — बालकाण्ड

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