सीताजी ने वरदान पाकर लक्ष्मणजी और रामजी के बारे में क्या सोचा?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
पार्वती वरदान और नारद भविष्यवाणी के अनुसार सीताजी ने मन ही मन रामजी को अपना वर मान लिया। सखी ने कहा — पहले राजकुमार देख लो। रामजी को साँवला, सलोना, अनुपम सुन्दर पाया। जन्म-जन्मान्तर का शाश्वत प्रेम जागा।
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श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड
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