का सरल उत्तर
पार्वती वरदान और नारद भविष्यवाणी के अनुसार सीताजी ने मन ही मन रामजी को अपना वर मान लिया। सखी ने कहा — पहले राजकुमार देख लो। रामजी को साँवला, सलोना, अनुपम सुन्दर पाया। जन्म-जन्मान्तर का शाश्वत प्रेम जागा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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