का सरल उत्तर
स्कंद पुराण (काशी खण्ड) के अनुसार जो साधक महोदरेश्वर के दर्शन और साधना करता है, वह जन्म-मरण के चक्र से मुक्त हो जाता है और उसे पुनः किसी माता के गर्भ में प्रवेश नहीं करना पड़ता (सायुज्य मुक्ति)।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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