का सरल उत्तर
स्कन्द पुराण के नागर खण्ड अध्याय 230 में महर्षि व्यास ने महालय की द्वितीया श्राद्ध की महिमा गाई है। जो मनुष्य द्वितीया को पूर्ण भक्ति से श्राद्ध करता है, उससे भगवान भवानीपति महेश्वर यानी शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं। वह श्राद्धकर्ता मृत्यु के बाद कैलास धाम प्राप्त करता है और शिव गणों के साथ आनन्द पाता है। इस लोक में भी विपुल सम्पदा मिलती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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