संन्यासी ने पुत्र मोह छोड़ने को क्यों कहा?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
संन्यासी ने कहा कि कर्म की गति प्रबल है और पुत्र से सुख निश्चित नहीं; संतान के कारण सगर और अंग को भी दुख मिला।
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