सोमवती अमावस्या का व्रत कैसे रखें
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सोमवती अमावस्या = सोमवार + अमावस्या। व्रत: स्नान → उपवास → पीपल की 108 परिक्रमा (कच्चा सूत) → शिव पूजा → पितृ तर्पण → दान। सुहागिनों के लिए विशेष (पति दीर्घायु)। पितृ/शनि दोष निवारण। वर्ष में 2-3 बार — दुर्लभ।
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