का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के पाँचवें अध्याय के अनुसार स्त्री-हत्यारा और गर्भपात कराने वाला नरकभोग के बाद पुलिन्द (भील) योनि में जन्म लेता है और रोगग्रस्त रहता है। इसके पहले तप्तसूर्मि नरक में गर्म सुइयों से दंडित किया जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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