का सरल उत्तर
सूक्ष्म शरीर कर्मों के संस्कार एक जन्म से दूसरे जन्म तक ले जाता है, कर्मफल भोगने में सहायक है और नए स्थूल शरीर में प्रवेश करके उसे चेतन बनाता है। यह आत्मा का यात्रा-वाहन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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