का सरल उत्तर
सूक्ष्म शरीर वह अदृश्य आवरण है जो मन, बुद्धि, अहंकार, इंद्रियों और प्राणों से बना होता है। यही एक जन्म से दूसरे जन्म में जाता है और इसमें सभी कर्मसंस्कार संचित रहते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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