का सरल उत्तर
शिवजी ने पार्वतीजी को श्रीहरि (राम) के सम्पूर्ण अवतार चरित सुनाने का निर्णय लिया। कहा — 'सुनु गिरिजा हरिचरित सुहाए' — वेद-शास्त्रों में गाये गये राम के सुन्दर चरित्र सुनो। राम अतर्क्य हैं — बुद्धि, मन, वाणी से नहीं समझे जा सकते।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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