का सरल उत्तर
स्वर्ण निर्मित श्रीयंत्र 'उत्तम' है — इसका फल 'अनंतगुणा' होता है और यह आजीवन फलदायी रहता है। यह एक दिव्य बैटरी जैसा है जो कभी क्षीण नहीं होती।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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