का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण में स्वर्णदान से ब्रह्मा-ऋषि-धर्मराज के सभासद प्रसन्न होते हैं। 'प्रेत के उद्धार के लिए स्वर्णदान करना चाहिए' — यह गरुड़ पुराण के आठवें अध्याय का सीधा वर्णन है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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