तारा महाविद्या की साधना कैसे करें और इसके क्या लाभ हैं?
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सरल उत्तर
दूसरी महाविद्या — 'तारने वाली'। नीलवर्णा, वशिष्ठ प्रथम उपासक। बीज: 'ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट'। रात्रि साधना, नीला आसन/वस्त्र। लाभ: वाक् सिद्धि, आर्थिक+मोक्ष, ज्ञान। गुरु आवश्यक।
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दशमहाविद्या
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