तर्पण कैसे किया जाता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तर्पण विधि के अनुसार कर्ता अंजलि में शुद्ध जल, कुशा और काले तिल लेकर, दक्षिण मुख कर, पितरों के गोत्र-नाम का उच्चारण करते हुए, अंगूठे के मूल भाग पितृ तीर्थ से तस्मै स्वधा नमः मंत्र के साथ जल गिराता है। पूर्व तैयारी में स्नान, श्वेत धोती, पवित्री और जनेऊ अपसव्य आवश्यक हैं।
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