का सरल उत्तर
दीर्घायु साधना: महामृत्युंजय (सर्वश्रेष्ठ — सवा लाख जप), रुद्राभिषेक, रसायन (पारद/आमलकी/अश्वगन्धा), सूर्य उपासना (आदित्य हृदय), कुंडलिनी योग (कोशिका नवीनीकरण), तांत्रिक प्राणायाम। कुलार्णव: दीर्घायु साधना के लिए — बिना साधना के व्यर्थ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।