का सरल उत्तर
तंत्र सिद्धि के पाँच अंग: गुरु कृपा, देव कृपा, पुरश्चरण, श्रद्धा और नित्यता। सिद्धि का क्रम: मंत्र स्थापना → जागृति (अजपा जप) → सिद्धि। संकेत: गहरी शांति, स्वप्न दर्शन, स्वतः जप। महानिर्वाण तंत्र: 'श्रद्धा से जपने पर सिद्धि में विलंब नहीं।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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