का सरल उत्तर
सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच, स्नान के बाद, उंगलियों के पोर से, हाथ जोड़कर प्रार्थना करके तुलसी पत्ते तोड़ें। रविवार, एकादशी, ग्रहण, संध्याकाल और मृत्यु-सूतक में पत्ते तोड़ना वर्जित है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।