तुलसीदासजी ने संस्कृत में क्यों नहीं लिखा — क्या कारण था?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
कथा है कि संस्कृत में लिखा तो रात को सब लुप्त हो जाता। शिवजी ने स्वप्न में जनभाषा में लिखने का आदेश दिया। तुलसीदासजी ने कहा — 'संभु प्रसाद सुमति हियँ हुलसी' — शिवजी की कृपा से ही वे इस ग्रन्थ के कवि बने।
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रामचरितमानस — बालकाण्ड
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