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सरल उत्तर

उपनिषद में आत्मा का वर्णन कैसे है?

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सरल उत्तर

कठोपनिषद (2/18) में यमराज ने नचिकेता को बताया — आत्मा अजन्मा, नित्य और शाश्वत है; शरीर के नाश से यह नष्ट नहीं होती। तैत्तिरीय उपनिषद के पंचकोश सिद्धांत में आत्मा पाँचों कोशों से परे है। माण्डूक्य में 'तुरीय' अवस्था आत्मा का शुद्ध स्वरूप है।

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