का सरल उत्तर
शून्य का विकास क्रमशः हुआ। वैदिक दर्शन में शून्यता की अवधारणा, आर्यभट्ट द्वारा दशमलव स्थानमान (498 ईस्वी), और ब्रह्मगुप्त द्वारा 'ब्रह्मस्फुटसिद्धांत' (628 ईस्वी) में शून्य की पूर्ण गणितीय परिभाषा — यह भारत की सबसे महान खोज है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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