वैतरणी नदी का स्वरूप कैसा बताया गया है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार वैतरणी नदी रक्त, मांस, कीचड़ से भरी, सौ योजन चौड़ी, सूई-मुख कीड़ों और घड़ियालों से पूर्ण है। पापी को देखकर यह खौलने लगती है। इसके तट हड्डियों से बने हैं और ऊपर वज्र-चोंच वाले गीध मंडराते हैं।
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जीवन एवं मृत्यु
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