ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

वैतरणी नदी का स्वरूप कैसा बताया गया है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

गरुड़ पुराण के अनुसार वैतरणी नदी रक्त, मांस, कीचड़ से भरी, सौ योजन चौड़ी, सूई-मुख कीड़ों और घड़ियालों से पूर्ण है। पापी को देखकर यह खौलने लगती है। इसके तट हड्डियों से बने हैं और ऊपर वज्र-चोंच वाले गीध मंडराते हैं।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
जीवन एवं मृत्यु

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।