ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

वैतरणी नदी में जल का स्वरूप कैसा बताया गया है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

वैतरणी नदी में सामान्य जल नहीं है। इसमें रक्त, मांस, कीचड़, मल-मूत्र, चर्बी, मज्जा और अस्थि मिले हैं। पापी को देखते ही यह 'खौलते घी की भाँति' उबलने लगती है।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
जीवन एवं मृत्यु

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।