का सरल उत्तर
वाक् सूक्त: 'मैं ही रुद्र, वसु, आदित्य, इंद्र-अग्नि-अश्विनी धारण करती हूँ। मैं राष्ट्री (राष्ट्र की अधिष्ठात्री), धन-संपदा देने वाली, यज्ञों में प्रथम पूज्या हूँ। मेरी शक्ति से प्राणी अन्न खाता है, देखता है, श्वास लेता है।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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