का सरल उत्तर
शुभ मुहूर्त: माघ शुक्ल पंचमी जो मध्याह्न को स्पर्श करे। पूजा का सर्वश्रेष्ठ समय = सूर्योदय के बाद पूर्वाह्न से मध्याह्न क्षण तक। यदि दो दिन हो तो 'पूर्वविद्धा' (चतुर्थी युक्त पंचमी) ग्राह्य।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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