का सरल उत्तर
वेदों में योग के मूल तत्त्व — मन की एकाग्रता, प्राण-नियंत्रण और ब्रह्मचर्य — स्पष्टतः मिलते हैं। केशी सूक्त (ऋग्वेद 10/136) में सिद्ध योगी का विशद चित्र है। वैदिक यम, ब्रह्मचर्य और ध्यान-परंपरा ही पतंजलि के योगसूत्र का मूल आधार है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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