का सरल उत्तर
विभीषण ने भगवान के चरणकमलों में निर्मल अनुराग (भक्ति) माँगा — 'तेहिं मागेउ भगवंत पद कमल अमल अनुरागु।' तीनों भाइयों में सबसे श्रेष्ठ वरदान — इसी कारण विभीषण धर्मात्मा बने और रामजी की शरण पाई।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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