विपदः सन्तु नः शश्वत् का अर्थ क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
इस वाक्य का भाव है कि हमारे जीवन में विपत्तियाँ आती रहें, क्योंकि विपत्तियों में कृष्ण का दर्शन होता है और उनका दर्शन जन्म-मृत्यु से मुक्त करता है।
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