का सरल उत्तर
शेषनाग भगवान विष्णु के परम भक्त और शय्या हैं। वे क्षीरसागर में अपने सहस्र फणों से आसन बनाते हैं जिस पर विष्णु जी योगनिद्रा में विराजते हैं। वे पृथ्वी को धारण करते हैं और रामावतार में लक्ष्मण, कृष्णावतार में बलराम के रूप में अवतरित हुए।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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