ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

विश्वामित्रजी ने श्रीरामजी से धनुष तोड़ने के लिये क्या कहा?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

'उठहु राम भंजहु भवचापा। मेटहु तात जनक परितापा' — उठो राम, शिवजी का धनुष तोड़ो, जनक का सन्ताप मिटाओ। गुरु की आज्ञा पर रामजी उठे और सहज भाव से धनुष तोड़ दिया।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
रामचरितमानस — बालकाण्ड

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।