का सरल उत्तर
वृंदा की पतिव्रता-शक्ति जलंधर के चारों ओर अभेद्य दिव्य कवच था। जब-जब युद्ध में जलंधर घायल होता, सतीत्व की शक्ति उसे पुनर्जीवित करती। शिव स्वयं युद्ध करते रहे पर वृंदा का सतीत्व अखंड तक जलंधर अवध्य रहा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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