विस्तृत उत्तर
वृंदा का सतीत्व और उसकी पातिव्रत्य-शक्ति जलंधर की रक्षा का दिव्य कवच था।
सतीत्व की शक्ति — सनातन परंपरा में पतिव्रता स्त्री की भक्ति और सतीत्व में अपार दिव्य शक्ति होती है। वृंदा अत्यंत पतिव्रता और शिव-भक्त थी। उसकी इस शक्ति से उसके पति जलंधर के चारों ओर एक अदृश्य दिव्य कवच बन गया था।
कैसे कार्य करता था — युद्ध में जब-जब देवता जलंधर पर भारी पड़ने लगते, वृंदा के सतीत्व की शक्ति अपने पति की रक्षा करती और उसे पुनः शक्ति प्रदान करती। जलंधर जब-जब घायल होता, पातिव्रत्य की शक्ति उसे पुनर्जीवित करती। भगवान शिव स्वयं उससे युद्ध करते रहे किंतु वृंदा का सतीत्व अखंड रहने तक जलंधर का वध संभव नहीं था।
शाश्वत सत्य — शिव पुराण की यह कथा बताती है कि एक पतिव्रता स्त्री की शक्ति इतनी अपार होती है कि पाप से भरे पति की भी देवता और महादेव मिलकर पराजित नहीं कर सकते। यही पातिव्रत्य धर्म की महिमा है।





