शिव भक्त कथावृंदा का सतीत्व जलंधर की रक्षा कैसे करता थावृंदा की पतिव्रता-शक्ति जलंधर के चारों ओर अभेद्य दिव्य कवच था। जब-जब युद्ध में जलंधर घायल होता, सतीत्व की शक्ति उसे पुनर्जीवित करती। शिव स्वयं युद्ध करते रहे पर वृंदा का सतीत्व अखंड तक जलंधर अवध्य रहा।#वृंदा सतीत्व#पतिव्रता शक्ति#जलंधर रक्षा
शिव भक्त कथाजलंधर अजेय क्यों था उसकी शक्ति का रहस्य क्या थाजलंधर की अजेयता के दो कारण — शिव-तेज से जन्म (देवताओं से शक्तिशाली) और पत्नी वृंदा का अखंड सतीत्व जो अभेद्य दिव्य कवच था। जब तक वृंदा का सतीत्व अखंड था, शिव भी उसे युद्ध में नहीं जीत सके।
लोकवृंदा के सतीत्व से जालंधर कैसे बचता था?वृंदा का सतीत्व जालंधर के लिए अदृश्य रक्षा-कवच था।#वृंदा सतीत्व#जालंधर#पतिव्रत शक्ति
लोकजालंधर अजेय क्यों था?जालंधर वृंदा के अखंड सतीत्व के कारण अजेय था।#जालंधर अजेय#वृंदा सतीत्व#पतिव्रत