का सरल उत्तर
याज्ञवल्क्य स्मृति के अनुसार श्राद्धकर्ता को पवित्र आचरण वाला, पत्नी के प्रति निष्ठावान और क्रोध-रहित होना चाहिए। श्राद्ध के दिन क्रोध, मार्ग गमन, या अनुचित आचरण से पितर निराश होकर लौट जाते हैं। श्राद्ध की सफलता कर्ता के आंतरिक गुणों पर निर्भर करती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।