का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के दूसरे अध्याय के अनुसार पापी के अपने पाप-कर्म ही यममार्ग में काले सर्पों, बिच्छुओं और हिंसक पशुओं का रूप धारण करते हैं। जिसने जितना कष्ट दिया, उसे उतनी ही पीड़ा के रूप में यह यातना मिलती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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