का सरल उत्तर
यमदूतों का पाश पापकर्मों का बंधन है, कर्म-न्याय की अनिवार्यता का प्रतीक है और मोह-आसक्ति का स्थूल रूप है। यह बताता है कि कोई भी अपने कर्मफल से नहीं बच सकता। पाश में बँधा जीव शरीर और परिजनों के पास नहीं लौट सकता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।