यमलोक मार्ग पर अंधे कुएं और विकट पर्वत का वर्णन क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के दूसरे अध्याय में वर्णित है कि यममार्ग पर पापी अंधे कुएँ में गिरता है, विकट पर्वत से गिराया जाता है, छुरे की धार पर चलता है और जोंकों से भरे कीचड़ में पड़ता है — यह सत्रह दिन की अत्यंत कष्टमय यात्रा है।
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यमलोक एवं न्याय
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