का सरल उत्तर
यमलोक प्रवेश से पहले वैतरणी नदी पार करनी होती है। फिर चार द्वारों में से कर्मानुसार द्वार मिलता है — पूर्व-पश्चिम-उत्तर पुण्यात्माओं के लिए, दक्षिण द्वार पापियों के लिए। अंदर चित्रगुप्त के सामने कर्मों का लेखा होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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