ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

यममार्ग में गर्मी और अग्नि का वर्णन क्यों है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

यममार्ग में गर्मी और अग्नि पाप-शुद्धि की प्रक्रिया का प्रतीक है। जिसने दूसरों को कष्ट दिया, वह स्वयं गर्मी भोगता है — यह कर्म का न्याय है। पछतावे की आंतरिक अग्नि और बाह्य ताप मिलकर पापी को तपाते हैं।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
जीवन एवं मृत्यु

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।