यममार्ग में गर्मी और अग्नि का वर्णन क्यों है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
यममार्ग में गर्मी और अग्नि पाप-शुद्धि की प्रक्रिया का प्रतीक है। जिसने दूसरों को कष्ट दिया, वह स्वयं गर्मी भोगता है — यह कर्म का न्याय है। पछतावे की आंतरिक अग्नि और बाह्य ताप मिलकर पापी को तपाते हैं।
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