का सरल उत्तर
गरुड़ पुराण के अनुसार यममार्ग पर जीव अकेला होता है क्योंकि कर्म व्यक्तिगत हैं — फल भी अकेले भोगना होता है। कोई परिजन, धन या मित्र साथ नहीं जाता। केवल अपने सत्कर्म मृत्यु के बाद साथ जाते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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